रेल में चल रहा विकट खेल

मौजूदा आठ सेवाओं के बदले दो कैडर रेलमंत्री की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकते हैं, बशर्ते उनके प्रशिक्षण और कार्य-संस्कृति में बुनियादी बदलाव लाया जाए प्रेमपाल शर्मा … Read More

दोनों सेवाओं की प्रकृति भिन्न होने के कारण इनका आपस में विलय अतार्किक और असंवैधानिक होगा

शीघ्रता में, बिना विचार-विमर्श के लिए गए निर्णय रेलवे के लिए अत्यंत हानिकारक और अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचाने वाले सिद्ध हो सकते हैं -डॉ. ढ़ाल सिंह बिसेन, सांसद रेलमंत्री के कल्पित … Read More

“नाच न जाने आंगन टेढ़ा”

रेलवे जैसे बड़े और महत्वपूर्ण मंत्रालय में फुल टाइम एक लोकप्रिय व्यक्तित्व ही मंत्री होना चाहिए। जिस मंत्रालय के मंत्री कभी लाल बहादुर शास्त्री, ललित नारायण मिश्र और कमलापति त्रिपाठी … Read More