रेल भवन में शीर्ष पद का राजनीतिक मोह: विस्तार और वर्चस्व की होड़ में व्यवस्था का बंटाधार होने का संकट
व्यवस्था से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं हो सकता, और डरा-धमकाकर चलाया जा रहा अस्थाई ढ़ांचा बहुत दिनों तक इस वर्चस्व के अहंकार को नहीं झेल पाएगा! सुरेश त्रिपाठी भारतीय रेल … Read More

