रेल भवन में शीर्ष पद का राजनीतिक मोह: विस्तार और वर्चस्व की होड़ में व्यवस्था का बंटाधार होने का संकट

व्यवस्था से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं हो सकता, और डरा-धमकाकर चलाया जा रहा अस्थाई ढ़ांचा बहुत दिनों तक इस वर्चस्व के अहंकार को नहीं झेल पाएगा! सुरेश त्रिपाठी भारतीय रेल … Read More

सोशल मीडिया के जाल में उलझा शीर्ष रेल प्रबंधन: सिस्टम की रीढ़ टूटी, भय के वातावरण में काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारी

मंत्रालय और रेलवे बोर्ड जैसी सर्वोच्च संस्थाओं का गठन इसलिए किया गया था, ताकि देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल की पूरी व्यवस्था एक सुदृढ़ और स्थापित सिस्टम … Read More