This is turning tragic, Railways is almost in a state of collapse

With no leadership, Indian Railways has become headless कोई नहीं बचा है भारतीय रेल का गार्जियन, पैरेंट, अभिभावक या माई-बाप चौतरफा मची हुई है त्राहि, रेलकर्मियों और अधिकारियों को नहीं … Read More

क्यों चुप हैं इस मुद्दे पर कायर, अवसरवादी बुद्धिजीवी?

“ओ हैलो.. भारत भर में कहीं किसी मस्जिद या मदरसे में बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती मनाई गई है, तो प्लीज फोटो भेजो भाई! दलित-मुस्लिम एकता का संदेश प्रसारित करना … Read More

विषैला वामपंथ: “भेड़ की खाल ओढ़े भेड़िया”

एक ऐसा परजीवी वर्ग खड़ा किया गया, उसे मुफ्तखोरी की लत लगाई गई, ढ़ेर सारा विक्टिमहूड कॉम्प्लेक्स और एन्टाइटलमेंट का बोध दिया गया और फिर उसे वर्किंग क्लास के गले … Read More