कॉनकोर: संगठित व्यवस्थित लूट की एक दास्तां

सरकारी संसाधनों को कितना व्यवस्थित तरीके से कम से कम पैसे खर्च करके लूटा जा रहा है, यह इसका मात्र एक उदहारण है। अभी भी समय है निजीकरण/निगमीकरण पर थोड़ा … Read More

जब-जब रेल की कमान तंगदिल और क्षुद्र सोच वाले लोगों के हाथ में गई, तब-तब इसकी स्थिति खराब हुई!

हद हो गई है अनिर्णय की? नए रेलमंत्री की छवि बिगाड़ने का पूरा खेल खेल रहे हैं चंद दिनों के मेहमान सीईओ साहेब! रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को बहुत सी चीजों … Read More

दिल्ली के दयाबस्ती रेलवे स्टेशन का बुरा हाल, अधिकारी बेपरवाह!

“कोई भी सामान्य रेलयात्री समस्या को तो प्रशासन के संज्ञान में लाना चाहता है, परंतु अपना नाम-पता और मोबाइल नंबर देकर व्यवस्था में बैठे मूढ़ों के चक्कर में आकर घनचक्कर … Read More