नॉर्दर्न रेलवे लेखा विभाग में आए दिन सीबीआई केस होने के मुख्य कारण—जूनियर स्केल ऑफिसर्स की पोस्टिंग

#NorthernRailway, लेखा विभाग में ADFM/AFA की पोस्टिंग एक साल में वहीं कर दी जा रही है, जिस ऑफिस में पहले वह #SSO के रूप में कार्यरत थे। इससे उनका प्रभाव उस ऑफिस में खत्म नहीं हो रहा। चारबाग वर्कशॉप में कार्यरत SSO, प्रेरित सिंह को चारबाग वर्कशॉप में ही #AFA पोस्ट कर दिया गया। पोस्टिंग आर्डर में त्रुटिवश अथवा जानबूझकर—प्रशासन की आँखों में धूल झोंकने के लिए, “SSO working under SrDFM/LKO” लिखा गया। इस पर सुधार की सुधि तक नहीं ली गई। (Ref: S.O.O-G-103, dated 30.09.2025, Sl. no.-13)

अक्षय श्रीवास्तव, #ADFM/LKO, जो कि सीबीआई रेड में पकड़े गए हैं, वह उत्तर रेलवे, लखनऊ डिवीजन में ही SSO थे, उन्हें एक साल के अंदर ही बड़ौदा हाउस से ADFM/LKO ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने पेंशन सेक्शन में बाबू के रूप में वही कार्य किया और बाद में भी बतौर ADFM में उसी सेक्शन को देख रहे थे। (Ref: S.O.O-G-193, dated 13.09.2023 और S.O.O-G-73, dated 19.07.2024)

एक अन्य ADFM—जो कि SSO ही थी, लखनऊ में और स्पाउस ग्राउंड पर आलमबाग वर्कशॉप में पोस्टिंग हुई—को आलमबाग वर्कशॉप से लखनऊ डिवीजन वापस ट्रांसफर कर दिया गया। (Ref S.O.O-G-193, dated 13.09.2023 और S.O.O-G-103, dated 30.09.2025)

दूसरे ADFM भी कंस्ट्रक्शन से मात्र ड़ेढ साल बाद लखनऊ डिवीजन वापस आ गए, वह भी लखनऊ डिवीजन में पहले SSO थे। (Ref: 15.06.2021 और S.O.O-G-51, dated 09.03.2023)

मुरादाबाद  डिवीजन में एक SSO को ADFM के पद पर प्रमोशन पर वहीं पोस्ट कर दिया गया। बड़ौदा हाउस में भी वही हाल है। (Ref: S.O.O-G-103, dated 30.09.2025, Sl. no.-12)

इन अधिकारियो का स्टाफ पर तो कोई कंट्रोल रहता नहीं है और स्टाफ और यूनियनों से साठ-गांठ बनी रहती।

SSO की पोस्टिंग

लखनऊ डिवीजन के पुराने पोस्टिंग आर्डर देख लिए जाएं तो पता चल जाएगा कि एक यूनियन के चाहते ही फाइनेंस और एक्सपेंडीचर में बार-बार लगाए जा रहे हैं और पेंशन सेक्शन में दूसरी यूनियन के। यही स्थिति दिल्ली मंडल में भी है।

यदि सभी SSO—जो कि फाइनेंस और एक्सपेंडीचर में पोस्टेड हैं—की पुरानी सभी पोस्टिंग चेक कराई जाएं और यूनियन के पदाधिकारियों की लिस्ट से मिलान करके देखा जाए, तो दिल्ली और लखनऊ मंडल में चल रहा सारा खेल सबकी समझ में आ जाएगा।

SrDFM की पोस्टिंग

इस बारे में पुराने #PFA द्वारा रेलवे बोर्ड की रोटेशन पालिसी के खिलाफ की गई पोस्टिंग पर #Railwhispers द्वारा विस्तृत लेख लिखा गया है-एक बार पुनः पढ़ें—लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे में कुर्सी का खेल