56J उन पर भी लगाया जाए जो वह काम नहीं कर रहे जिसके लिए उनका UPSC से चयन हुआ है!

खबर है कि रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) अब 50 साल होते ही अकर्मण्य, भ्रष्ट और विवादित रेल अधिकारियों पर #56J लगा रहा है। #BLW के एक अधिकारी को 50 साल होते ही कुछ दिन पहले रिटायर कर दिया गया। चूंकि इस समय विजिलेंस की बदनाम त्रिमूर्ति की उपस्थिति रेलवे बोर्ड में नहीं है, इसीलिए प्रक्रिया को विश्वसनीय माना जा रहा है।

इसके अलावा, पिछले दिनों आरआरबी/गोरखपुर के पूर्व चेयरमैन जैसे कई अन्य बड़े अधिकारियों को इसी सेक्शन के तहत घर का रास्ता दिखा दिया गया। पूर्व मध्य रेलवे, सेंट्रल रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व रेलवे के भी कुछ अधिकारियों को इसी 56J के तहत घर भेजा गया है। इसके साथ ही, आरआरबी/गोरखपुर के एक और निलंबित पूर्व चेयरमैन पर 56J की तलवार लटकी हुई है।

इससे यह तो समझ में आ गया कि मंत्री जी प्रशासन की स्वच्छता का “मोदी मंत्र” नहीं भूले हैं—उन्हें साधुवाद। प्रक्रिया की विश्वनीयता पर इस बार जो समुचित ध्यान दिया गया है, वह प्रशंसा के योग्य है। तथापि दृष्टि जहाँ तक जानी चाहिए, फिलहाल वहाँ तक पहुँची नहीं है!

मंत्री जी ध्यान दें कि उन्हें रेल अधिकारियों का आकलन बदलने की आवश्यकता है—जिन्हें वह बहुत अच्छा समझ रहे हैं, जिनसे वह घिरे हुए हैं—वह उनकी विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर मंत्री जी को उनके नाम और काम दोनों फिर से गिना दिए जाएँगे!

मंत्री जी, 56J उन पर लगवाएँ जो वह काम नहीं कर रहे जिसके लिए #UPSC ने उनका चयन किया था। यह सेक्शन उन पर भी लगे जिन्होंने रेल की दशा पर प्रतिकूल प्रभाव डाला और रेल को कम से कम दस साल पीछे ले गए—#IRMS जैसे मकड़जाल को लाकर।

मंत्री जी, 56J उन पर लगवाएँ जो #एग्रीडलिस्ट में होते हुए भी विदेश भ्रमण पर गए! यह उन पर भी लगवाईए जो एग्रीड लिस्ट से जैसे-तैसे निकलकर डेपुटेशन पर GM बने बैठे हैं! यह उन पर अब तक लागू क्यों नहीं हुआ जो रेल की चेयर पर बैठकर रेल के साथ ही धंधा करते रहे हैं!

हाल में #DRMBRCWR रहे जैसे अधिकारी जिन्होंने रेल की विभागीय परीक्षाओं को कॉर्पोरेट स्टाइल में मोनेटाइज कराया-रेल के साथ सरकार को शर्मिंदा करने वाले निर्णयों में जिनके दोनों हाथ रहे, उनको 56J में लिया जाना चाहिए, न कि उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

मंत्री जी, जो दिल्ली न छोड़ सका, जो वह न कर सका जिसके लिए यूपीएससी ने उसका चयन किया और नौकरी दी, जिसे फाइल पर साइन करने और निर्णय लेने से ज्यादा अपनी शर्ट की सफेदी प्रिय है, ऐसे लोग आपकी कमजोरी कैसे बन सकते हैं?

#DRM बनने के लिए कोई #spouse-ground आड़े नहीं आती—किसी को माँ-बाप का बुढ़ापा अथवा उनकी तबीयत आड़े नहीं आती—बच्चे आड़े नहीं आते-मंत्री जी, सोच लीजिए-इन सबके लिए आप पहले मंत्री नहीं हैं। इन्हीं सबके चलते रेल में करप्शन चरम पर है, क्योंकि अब आप इनके लिए एक बोर्ड मेंबर से अधिक नहीं हैं!

Quick Thoughts:

Government of India level Intervention for tackling crisis in leadership of #IndianRailways

March 2, 2023: “सीआरबी साहब, कृपया #AIDS और #KMG से रेल व्यवस्था को निजात दिलवाएं!

  1. Those who have been in a city for 20 years should be automatically drop out of consideration for DRM, GM, Member: while they should be allowed to be in departmental positions up to additional members..
  2. No more than two #tenures should be permitted in career in #vigilance-including outside #IndianRailways and at different levels..
  3. Any officer who has not spent atleast 50% of career in core department till completion of 50 years of age, for which #UPSC recruited should be automatically considered for #56J unless exemption taken from #CRB/#MR for not being retired.
  4. Asset review of official should precede finalising #AgreedLists, as argued in this article-👇

Feb 15, 2023: “KMG_2.0: A cynic’s view – रेलवे के धनकुबेरों का सिंडीकेट