Judiciary should take stand as clear as this Sessions judge, Aurangabad, Maharashtra
“इस तरह की धुलाई से कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई मनमानी से पीड़ित जनता को निजात मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।”
प्रशासनिक अधिकारी अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए मनमाने फैसले लेते हैं और आम जनता को परेशान करने की कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते। आम जनता के लिए नौकरशाही का “डबल स्टैंडर्ड” इनके लगभग हर फैसले में मौजूद रहता है। यह अब सर्वविदित है।
पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद कोर्ट के सेशंस जज ने लाॅकडाउन के फैसले पर वहां के कलेक्टर का पावर का नशा एक झटके में उतार दिया ऐसी नसीहत दी, ऐसा धोया कि कलेक्टर साहब के फरिश्ते भी अब गलत फैसला लेने और उसे लागू करने से पहले सौ बार सोचेंगे!
सोशल मीडिया पर सेशंस जज, औरंगाबाद महोदय को आम जनता ने हाथों-हाथ लिया है। उनका यह वीडियो बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा है।
स्पष्ट, सीधी-सरल भाषा में दो-टूक बहस कर रहे इन जज महोदय का लोग सादर नमन, अभिनंदन कर रहे हैं। इस तरह के जांबाज न्यायमूर्ति के तर्कसंगत व्यवहार पर लोग अभिभूत हो गए हैं।
वह कह रहे हैं कि “जज साहब आप वाकई में हमारे अभिनंदन और प्रशंसा के पात्र हैं। जिला कलेक्टर औरंगाबाद को आपके द्वारा लगाई गई लताड़ बहुत ही सटीक है और अन्य न्यायमूर्तियों के लिए भी एक अच्छा एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।”
वह कहते हैं, “इस तरह की धुलाई से कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई मनमानी से पीड़ित जनता को निजात मिलने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है।”
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