क्यों चुप हैं इस मुद्दे पर कायर, अवसरवादी बुद्धिजीवी?

“ओ हैलो.. भारत भर में कहीं किसी मस्जिद या मदरसे में बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती मनाई गई है, तो प्लीज फोटो भेजो भाई! दलित-मुस्लिम एकता का संदेश प्रसारित करना … Read More

विषैला वामपंथ: “भेड़ की खाल ओढ़े भेड़िया”

एक ऐसा परजीवी वर्ग खड़ा किया गया, उसे मुफ्तखोरी की लत लगाई गई, ढ़ेर सारा विक्टिमहूड कॉम्प्लेक्स और एन्टाइटलमेंट का बोध दिया गया और फिर उसे वर्किंग क्लास के गले … Read More

नहीं रहे पूर्व सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा !

हमारे बीच या समाज अथवा व्यवस्था में कुछ लोग ऐसे अवश्य होते हैं, जिनके मर जाने से, हमेशा के लिए चले जाने से, समाज और व्यवस्था का ही भला होता … Read More

जिम्मेदार सत्ता बचाने में लगे हैं, कपड़े का मास्क लगाकर सुपरमैन बनी हुई है जनता!

काश, कि जनता अंधभक्ति और चमचागिरी से ऊपर उठकर वास्तविक पड़ोसी, निर्दोष और आश्रित व्यक्ति के स्वास्थ्य और सामर्थ्य की चिंता करती! सच में भारत विविधताओं का देश है। कहीं … Read More