दोनों सेवाओं की प्रकृति भिन्न होने के कारण इनका आपस में विलय अतार्किक और असंवैधानिक होगा
शीघ्रता में, बिना विचार-विमर्श के लिए गए निर्णय रेलवे के लिए अत्यंत हानिकारक और अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचाने वाले सिद्ध हो सकते हैं -डॉ. ढ़ाल सिंह बिसेन, सांसद रेलमंत्री के कल्पित … Read More

