मेंबर फाइनेंस, रेलवे बोर्ड को मिला दस महीने का सेवा विस्तार!

इससे पता चलता है कि केवल मंत्री बदलने से व्यवस्था नही बदलती!

रेलवे बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि नरेश सालेचा, मेंबर फाइनेंस रेलवे बोर्ड को दस माह का सेवा विस्तार मिला है।

उल्लेखनीय है कि नरेश सालेचा आज 30 सितंबर 2021 को सेवानिवृत्त होने वाले थे।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि फिलहाल रेलवे बोर्ड से अभी तक इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मगर शायद शाम तक यह भी जारी हो जाएगा।

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हालांकि यह दस माह का सेवा विस्तार किसी की समझ से परे है। सवाल यह उठ रहा है कि मनुष्य की पैदाइश नौ महीने में होती है, तो क्या नरेश सालेचा दस महीने की समयावधि में रेल व्यवस्था में कोई नई पैदाइश सुनिश्चित करने वाले हैं? यह किस तरह का सेवा विस्तार है?

इस पर एक वरिष्ठ अधिकारी की टिप्पणी है कि “रेलवे को बरबाद करने में जिस अधिकारी का जितना योगदान होता है, उसकी सेवा को उतना ही विस्तार मिलता है, क्योंकि प्राइवेटाइजेशन होने के पहले ही जितना रेलवे को लूट सकें, दोनों हाथों से लूट लें, बाद में जो होगा, सो होगा!”

फाइल नीट एंड क्लीन होने का अर्थ यह नहीं होता कि सब कुछ ठीक है

पिछले हफ्ते 23 सितंबर 2021 को इसी प्रकार सर्वाधिक विवादित सीएमडी/कॉनकोर को सेवा विस्तार दिए जाने की संस्तुति एसीसी ने की थी, जो कि आज यानि 30 सितंबर 2021 को रिटायर होने वाले थे।

जानकारों का कहना है कि केवल फाइल पर सब कुछ नीट एंड क्लीन होने से कुछ नहीं होता, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कुछ दिन पहले ही विदेश (कैलिफोर्निया) में बनी सीएमडी के रिश्तेदार की कंपनी को कॉनकोर का तीस करोड़ के लगभग का टेंडर कैसे मिला?

उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि रेलवे को छोड़कर विगत निजी उद्योग समूह को ज्वाइन कर लेने वाला यह अधिकारी फिर से कैसे कॉनकोर का सीएमडी बन गया?

उन्होंने एक बार फिर जोर देकर कहा कि घोषित कदाचारी, जोड़-तोड़बाज, निकम्मे और ऊंची राजनीतिक पहुंच वाले चुके हुए अफसरों को सेवा विस्तार देकर सरकार अपनी छवि खराब कर रही है।

जानकारों का कहना है कि चुके हुए और जोड़-तोड़बाज बाबुओं को सेवा विस्तार देने का कोई औचित्य नहीं बनता, मगर इससे ऐसे लोगों को अनावश्यक फेवर मिलने का संदेश अवश्य जाता है और सरकार तथा मंत्री की छवि भी धूमिल होती है।

उनका यह भी कहना है कि विगत में सरकार के इस कदम का उचित और अपेक्षित परिणाम नहीं निकला। तथापि चुके हुए ऐसे लोगों को सर्विस एक्सटेंशन देना तथा बतौर एडवाइजर रिएंगेज करना जारी है।

उन्होंने कहा कि इन चुके हुए लोगों के कार्टेल की व्यवस्था में घुसपैठ और सरकार के घोषित उद्देश्यों को पलीता लगाने का नतीजा पुनः जल्दी ही उजागर होगा। क्रमशः

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