पक्की खबर: कांट्रेक्टर की शिकायत पर कार्रवाई न कर सीनियर डीईई को बचा रहा था ईसीआर विजिलेंस!
ईसीआर में करप्शन को पालने-पोसने और करप्ट लोगों को बचाने का काम कर रहा है एक बहुत बड़ा सिंडिकेट!
धनबाद मंडल से पक्की खबर मिली है कि प्रताड़ित कांट्रेक्टर ने रेलवे विजिलेंस हाजीपुर में सीनियर डीईई/जी संजीव कुमार के बारे में शिकायत की थी, लेकिन सीबीआई रेड में रंगेहाथ पकड़े गए वरिष्ठ मंडल विद्युत अधिकारी/सामान्य संजीव कुमार—ईसीआर विजिलेंस के एक पूर्व डिप्टी चीफ विजिलेंस ऑफिसर/स्टोर्स के नजदीकी संबंधी होने के कारण ईसीआर विजिलेंस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विभागीय सूत्रों ने ये भी बताया कि वर्तमान #SDGM/CVO/ECR—जो पूर्व में सोनपुर मंडल में अपर मंडल रेल प्रबंधक (#ADRM) और रेल व्हील प्लांट (#RWP) बेला में प्रिंसिपल चीफ मैटीरियल मैनेजर (#PCMM) के पद पर तैनात थे—के सारे काले कारनामों पर पर्दा डालने का काम तत्कालीन डिप्टी चीफ विजिलेंस अधिकारी/स्टोर्स/ईसीआर—जो संजीव कुमार के खास संबंधी हैं—ने ही किया था।
जब पिछले वर्ष मार्च के महीने में पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (#DDU) के विभागीय परीक्षा घोटाले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद जब ईसीआर के सारे मंडलों से तीन साल या उससे अधिक समय से जमे अधिकारियों को हटाया गया था, तब संजीव कुमार को क्यों नहीं हटाया गया? क्या संजीव कुमार को तत्कालीन डिप्टी चीफ विजिलेंस ऑफिसर/स्टोर्स द्वारा वर्तमान एसडीजीएम पर उनके पूर्व कार्यकालों के समय किए गए काले कारनामों पर पर्दा डालने में की गई मदद का फायदा मिला? क्या संजीव कुमार को धनबाद मंडल में बनाए रखने में उस समय के जातिवादी मंडल रेल प्रबंधक की भी कोई भूमिका थी?
सीआरबी महोदय की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध होती जा रही है, क्योंकि उनके ही कार्यकाल में एसडीजीएम की पोस्टिंग हुई है और उनके ही समय में तत्कालीन डीआरएम/धनबाद की पोस्टिंग भी दक्षिण पूर्व रेलवे में प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशंस मैनेजर (#PCOM) के पद पर हुई थी, जिसे बाद में #Railwhispers द्वारा मामले को उजागर किए जाने पर उसको प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर (#PCSO) बनाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि ईसीआर में करप्शन का और करप्ट लोगों को बचाने का एक बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। उनका कहना है कि सीआरबी-ऑन-कॉन्ट्रैक्ट इन सब मामलों में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। उन्होंने कहा कि #कैडर #कास्ट और #कैश के खेल में पूर्व मध्य रेलवे का बेड़ा गर्क होता जा रहा है और रेलमंत्री तमाशबीन बनकर रेल की बर्बादी को देख रहे हैं। रेलवे में सीबीआई के ताबड़तोड़ #एक्शन और रेलवे विजिलेंस के #इनएक्शन और #करप्शन के सिंडिकेट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

