बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ने रचा नया इतिहास: 2500वें विद्युत रेल इंजन का भव्य लोकार्पण

वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) ने शनिवार, 19 जुलाई को तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार की नई ऊंचाइयों को छूते हुए 2500वां विद्युत रेल इंजन राष्ट्र को समर्पित किया। इस ऐतिहासिक लोकोमोटिव का लोकार्पण बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह द्वारा बीएलडब्ल्यू परिसर, वाराणसी में हर्षोल्लास के साथ किया गया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर नेशनल प्रेस के 44 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार के नेतृत्व में बीएलडब्ल्यू का औपचारिक दौरा किया।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘हॉल ऑफ फेम’ में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें बीएलडब्ल्यू की स्थापना, इसके निर्माण इतिहास, निर्यात उपलब्धियों, स्वदेशीकरण, हरित ऊर्जा प्रयासों एवं तकनीकी नवाचारों को रेखांकित किया गया।

तत्पश्चात प्रेस प्रतिनिधियों ने बीएलडब्ल्यू की अत्याधुनिक कर्मशालाओं का भ्रमण कर लोकोमोटिवसे की निर्माण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

2500वां इंजन गर्व के साथ किया गया राष्ट्र को समर्पित

बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बीएलडब्ल्यू की महिला कार्यबल – श्रीमती अनिता देवी (फिटर), श्रीमती श्रुति श्रीवास्तव (सहायक), मो. निजामुद्दीन (एसएसई), एवं कृष्ण कुमार (एमसीएम) के साथ मिलकर 2500वें इलेक्ट्रिक लोको को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का प्रतीक बना।

कर्मचारियों के साथ 2500वें इलेक्ट्रिक लोको को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह

इस दौरान बीएलडब्ल्यू के सभी प्रमुख मुख्य विभाग प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी परिषद् के सदस्य एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने इस पल को स्मरणीय बना दिया।

8 वर्षों में 2500 विद्युत रेल इंजन: एक कीर्तिमान

वर्ष 2017 में दो विद्युत इंजन के निर्माण से आरंभ हुई यह यात्रा मात्र 8 वर्षों में 2500वें विद्युत लोकोमोटिव तक पहुँची है। यह बीएलडब्ल्यू प्रबंधन की उत्पादन क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति, और तकनीकी सामर्थ्य का प्रमाण है।

अब तक बीएलडब्ल्यू द्वारा कुल 10,822 लोकोमोटिव बनाए जा चुके हैं, जिनमें-

  • 7498 डीजल इंजन
  • 2500 विद्युत इंजन
  • 641 गैर-रेलवे ग्राहकों हेतु डीज़ल इंजन
  • 174 निर्यातित डीज़ल इंजन
  • 1 ड्यूल ट्रैक्शन इंजन
  • 8 कन्वर्जन इंजन शामिल हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में बीएलडब्ल्यू ने रिकॉर्ड 472 इलेक्ट्रिक लोको का निर्माण किया, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम है।

WAP-7 : तकनीक और भरोसे का प्रतीक

2500वां इंजन, आधुनिक तकनीक से लैस #WAP-7 श्रेणी का है, जिसमें 6000 हॉर्स पॉवर क्षमता, वातानुकूलित कैब, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, और 140 किमी प्रति घंटा की गति क्षमता जैसी गुणवत्ताएँ समाहित हैं। यह इंजन दक्षिण पश्चिम रेलवे के कृष्णराजपुरम शेड को भेजा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर बरेका की पहचान

हाल ही में मोजाम्बिक रेलवे द्वारा बीएलडब्ल्यू को 10 आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का ऑर्डर मिला है, जिनमें से 2 इंजन जून 2025 में रवाना हो चुके हैं। शेष 8 इंजनों की आपूर्ति दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी।

इस अवसर पर बीएलडब्ल्यू के सभी शीर्ष अधिकारी – विवेक शील, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर, आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक, विनोद कुमार शुक्ल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर, मुक्तेश मित्तल, प्रधान वित्त सलाहकार, लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी, प्रशासन, डॉ. देवेश कुमार, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देवराज कुमार मौर्य, महानिरीक्षक सह प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त, अंकुर चंद्रा, मुख्य सतर्कता अधिकारी, मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य विद्युत इंजीनियर, अनुराग कुमार गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-विद्युत, अनुज कटियार, उप महाप्रबंधक एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एवं राजेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बीएलडब्ल्यू की यह उपलब्धि न केवल एक औद्योगिक सफलता है, बल्कि यह भारत की तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम का भी प्रतीक है।