मालगाड़ियों की बढ़ती गति से रेल की ओर आकर्षित होते उद्योग

रेलवे की माल ढ़ुलाई 10% बढ़ी, मई 2021 में ₹9279 करोड़ की हुई अर्निंग

मई 2021 में मालगाड़ियों की औसत गति 45.42 किमी प्रति घंटा रही, जो पिछले साल की समान अवधि की 36.84 किमी प्रति घंटे की तुलना में 23% अधिक है।

कोरोना काल में भी भारतीय रेल शानदार प्रदर्शन कर रही है। महामारी के दौरान माल ढ़ुलाई में रेलवे लगातार तेज वृद्धि दर्ज कर रही है।

चालू वर्ष 2021-22 में अब तक भारतीय रेल ने माल ढ़ुलाई में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वहीं मई 2021 के महीने में भी माल ढ़ुलाई के आंकड़े में गति बनी हुई है।

मई 2021 में भारतीय रेल ने माल ढ़ुलाई से ₹9278.95 की आय अर्जित की है।

भारतीय रेल ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 203.88 मिलियन टन माल लोड किया, जो कि वर्ष 2019-20 की समान अवधि के आंकड़े (184.88 एमटी) से 10% अधिक है।

मई 2021 में रेलवे की माल ढ़ुलाई 92.29 एमटी रही, जो मई 2019 (83.84 एमटी) से 10% अधिक और मई 2020 (64.61एमटी) से 43% अधिक है।

मई 2021 में जिन महत्वपूर्ण सामग्रियों को रेल से ढ़ोया गया, उनमें 9.7 करोड़ टन कोयला, 2.7 करोड़ टन लौह अयस्क, 78.9 लाख टन खाद्यान्न, 53.4 लाख टन उवर्रक, 60.9 लाख टन खनिज तेल, 1.11 करोड़ टन सीमेंट (धातु की तलछट को छोड़ कर) तथा 82 लाख टन धातु की तलछट शामिल हैं।

इस महीने वैगन टर्न अराउंड अवधि में 27% का सुधार देखा गया। मई 2021 में वैगन टर्न अराउंड समय 4.83 दिनों का रहा, जबकि मई 2019 में यह 6.61 दिन था।

कोरोना संकट के बीच अवसर तलाशने के लिए भारतीय रेल अनेक रियायतें और छूट दे रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मालगाड़ियों की बढ़ती गति से देश के उद्योग रेल से माल ढ़ुलाई के लिए रेलवे की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

मालगाड़ियों की गति बढ़ाए जाने से लागत में कमी आई है। मई 2021 में मालगाड़ियों की औसत गति 45.42 किमी प्रति घंटे रही है, जो समान अवधि की 36.84 किमी प्रति घंटे की तुलना में 23% अधिक है।

उपरोक्त तथ्य एवं आंकड़े रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा जारी किए गए हैं।