नौकरशाही के सामने असहाय मोदी जी!

मोदी जी भी असहाय महसूस कर रहे हैं! 2019 में सरकार आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बताया था कि अब नौकरशाही को बदलने की कोशिश करूंगा!

अभी 4 महीने पहले 2021 में भी पार्लियामेंट में उन्होंने नौकरशाही पर यह कहकर तंज कसा था कि ये अपने को रसायन मंत्रालय में भी सबसे ज्यादा अकलमंद मानते हैं और कृषि, खान से लेकर शिक्षा मंत्रालय में भी।

मोदी जी के ऐसा कहने के बहुत गहरे मायने हैं!

जवाहरलाल नेहरू ने भी अपने अंतिम दिनों में यह स्वीकार किया था कि “मेरी असफलता नौकरशाही में कोई सुधार न ला पाने की रही है।

दरअसल, सुविधाओं और सत्ता की ताकत की राजनीति के साथ नौकरशाही के गठजोड़ ने इस देश को इस दुर्दशा तक पहुंचाया है।

ब्यूरोक्रेसी/नौकरशाही को खत्म करने की नहीं, बल्कि इसमें आमूलचूल सुधार की तुरंत आवश्यकता है। कसाई की तरह!

#प्रेमपाल_शर्मा, दिल्ली, 21 जुलाई, 2021

#Railway में पब्लिक शिकायतों की भरमार!
#सेक्रेटरी/भारत सरकार स्तर के अधिकारियों की अकर्मण्यता चरम पर है!
क्या #मोदीजी नहीं कर पाते इन अधिकारियों पर कार्रवाई?
#अधिकारी अधिक ताकतवर है या #मंत्री?

@narendramodi
@PMOIndia
@cabsect_india
@RailMinIndia
@AshwiniVaishnaw
#VandeBharatExp